सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन यानी पीएफसी (Power Finance Corporation) ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का कॉन्सलिटेड नेट प्रॉफिट चालू वित्त वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही में 28 फीसदी बढ़कर 4,554.98 करोड़ रुपये रहा. कंपनी की आय बढ़ने से उसका मुनाफा बढ़ा है. कंपनी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में उसे 3,557.23 करोड़ रुपये का कॉन्सलिटेड नेट प्रॉफिट हुआ था. पीएफसी की आय जून 2021 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 18,973.93 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 16,932.24 करोड़ रुपये थी. कंपनी निदेशक मंडल की गुरुवार को हुई बैठक में 2021-22 के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य के चुकता शेयर पर प्रति इक्विटी शेयर 2.25 रुपये का अंतरिम लाभांश देने की सिफारिश की गई. यह स्रोत पर टैक्स कटौती (TDS) पर निर्भर है. कंपनी के अनुसार 2021-22 के लिए अंतरिम लाभांश के भुगतान के लिए शेयरधारकों की पात्रता का पता लगाने के उद्देश्य से बुधवार, एक सितंबर, 2021 को रिकॉर्ड तिथि के रूप में माना जाएगा.
हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने एमएसएमई और निर्यात संवर्धन नीति 2026 का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई और निर्यात संवर्धन नीति 2026 की शुरुआत की, जिसके तहत विनिर्माण निवेश में 55,000 करोड़



