साहिबाबाद (दयाल शर्मा) श्यामपार्क एक्सटेंशन स्थित जिंदल मार्केट, डी-ब्लॉक के प्राचीन शिव मंदिर में ब्राह्मण सहयोग मंच द्वारा महिला समानता दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एनजीओ से जुड़ी महिलाओं, पायलट, गायिकाओं तथा राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम में जगतगुरु विनोदानंद महाराज ने मुख्य अतिथि गुरु श्री श्री 1008 मां पीताम्बरा पीठाधीश्वर संतोषानंद जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए सभी अतिथियों एवं गणमान्य लोगों का स्वागत किया। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती माही ठाकुर ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष, मेहनत और लगन के बल पर महिलाएं जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में लोकगायक आशीष पाठक ‘अमृत’ ने लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक रामदुलार यादव ने कहा कि संत समाज को आगे आकर नई पीढ़ी को जीवन की सही राह और लक्ष्य समझाने की आवश्यकता है। उन्होंने महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी उमेश शर्मा ने कहा कि महिला का सम्मान करना सभ्य, संवेदनशील और सशक्त समाज की पहचान है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला चाहे माता, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में हो, वह परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज के मूल्यों, संस्कारों और संस्कृति को भी आगे बढ़ाती है। 
नेहा फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. नेहा शालिनी दुबे ने कहा कि उनका एनजीओ महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा जरूरतमंदों की हरसंभव सहायता के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब एक लाख महिलाएं उनके एनजीओ से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार में महिलाओं के अमूल्य योगदान की सराहना की जानी चाहिए। 
पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वह अपने पॉडकास्ट चैनल ‘कैमर कुर्सी किस्सा’ के माध्यम से महिला शक्ति और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं तथा उनकी आवाज को बुलंद करने के लिए महिलाओं को मंच पर आमंत्रित करते हैं।
कांग्रेस नेत्री श्रीमती संगीता त्यागी ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। महिलाओं को अपने जीवन से जुड़े फैसले स्वयं लेने और अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दयाल शर्मा ने कहा कि एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को शिक्षित करती है। उन्होंने कहा कि संविधान ने महिलाओं को समान अधिकार दिए हैं और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। 
श्रीमती संजू शर्मा ने कहा कि भारतीय समाज में सदियों से नारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सीता, मां दुर्गा, रानी लक्ष्मीबाई, इंदिरा गांधी और सरोजिनी नायडू जैसी महिलाओं ने समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सजग रहने की आवश्यकता है।
समारोह के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को शक्ति सम्मान तथा कार्यक्रम में शामिल अतिथियों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, समान अधिकार और सुरक्षित वातावरण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित उमेश शर्मा जी ने अपने निवास स्थान पर गुरुजनों एवं साथ आए अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर स्वागत व सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।



