मनमीन वालिया, नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर 2 पर एक तेज रफ्तार कार ने बैरिकेड तोड़ते हुए जबरन अंदर घुसकर हड़कंप मचा दिया। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश नंबर (UP-26 AZ 8090) की टाटा सिएरा कार चला रहा आरोपी, जिसकी पहचान सरबजीत के रूप में हुई है, सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ा। इस दौरान उसने एक अजीब हरकत करते हुए कार से उतरकर पोर्च के पास फूलों का गुलदस्ता रखा और मौके से फरार हो गया।
घटना के समय वीआईपी गेट पर सीआरपीएफ के जवान तैनात थे। बाद में मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने गुलदस्ते की जांच की, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए रूप नगर इलाके से कार को ट्रेस कर लिया और सरबजीत को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसके साथ पकड़े गए दोनों लोग टैक्सी ड्राइवर हैं और फिलहाल उनकी सीधी संलिप्तता नहीं पाई गई है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटना में इस्तेमाल की गई टाटा सिएरा कार को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
जांच के दौरान आरोपी सरबजीत की सोशल मीडिया प्रोफाइल भी सामने आई है, जिसमें उसकी गतिविधियों और पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है। यह प्रोफाइल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने विधानसभा पहुंचकर अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात की और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। हालांकि, इस बैठक के बाद मीडिया को कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।
भले ही इस घटना में कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली, लेकिन राजधानी के सबसे संवेदनशील स्थलों में से एक पर इस तरह की सेंध ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्पेशल सेल सहित कई एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस घटना के पीछे का असली मकसद सामने आ सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कोई व्यक्ति इस तरह विधानसभा परिसर में कैसे घुस गया। क्या यह सिर्फ एक सनकी हरकत थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है—इसका जवाब आने वाले समय में जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच में जुटी है और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। इस घटना ने साफ कर दिया है कि राजधानी की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।




