गाजियाबाद। जनपद में मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) की बिक्री व तस्करी के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक आहूत हुई।
नशा कारोबारियों पर कंसे शिकजा:
बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, नशे की खरीद-फरोख्त और ड्रग ट्रैफिकिंग के विरुद्ध अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होने पुलिस विभाग द्वारा नशे के विरूद्ध की जा कार्यवाही के बारे में विस्तार से जाना, उन्होने तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी के बाद बरामद किये जाने वाले नशे के सामान के डिस्पोजल से सम्बंधित जानकारियों से अवगत हुए।
युवाओं को नशे से दूर रखना हमारी प्राथमिकता ।
जिलाधिकारी महोदय ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल/कॉलेजों में नशे की रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाएं, साथ ही कक्षा—9 और उससे उच्च शिक्षा के विद्यालय/कॉलेजों में विद्यार्थियों को ड्रग्स के प्रति जागरूक करें। उन्हें बताएं एवं समझाएं नशा उनके लिए कितने हानिकारक/खतरनाक हैं। उन्होने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी चलवाया जाये, जिससे कोई भी ड्रग्स का शिकार ना हो सकें। हमें हर युवा को ड्रग्स से बचाना है, इसके लिए विशेष अभियान चलायें।
जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर करें कार्य:
जिलाधिकारी महोदय ने इस सम्बंध में मनोरंजन व जीएसटी विभाग को भी निर्देशित किया कि वे सिनेमा हॉल में ड्रग्स से सावधानी के विषय पर शार्ट फिल्म भी चलवायें, युवाओं में जागरूकता लाई जा सके और जिससे वे नशे से बच सकें।
ड्रग्स से होने वाले नुकसान के प्रति जनता में लायें जागरूकता, चलायें अभियान:
उन्होने कहा कि मीडिया सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम तो चलवाये ही साथ ही नशे के शिकार हुए लोगों के बारे में भी बताये और नशा का कारोबार करने वाले दोषियों पर होने वाली कार्रवाई से भी अवगत करायें। उन्होने कहा कि दिशा—निर्देशों के क्रम में नियमानुसार सभी स्कूलों के बाहर चैकिंग अभियान चलायें कि कहीं कोई शिक्षण संस्थान के पास नशे का कारोबार तो नहीं कर रहा है, यदि ऐसा पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं। जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग पुलिस, नगर निगम, जीडीए सहित अन्य समन्वय बनाते हुए कार्य करेंगे तो गाजियाबाद नशा मुक्त हो सकेगा।
बैठक में एडीएम सिटी, एड.डीसीपी क्राईम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नारकोटिक्स सेल, खाद्य विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर, डीपीओ, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, यातायात विभाग के अधिकारी/प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नशा कारोबारियों पर कंसे शिकजा:
बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, नशे की खरीद-फरोख्त और ड्रग ट्रैफिकिंग के विरुद्ध अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होने पुलिस विभाग द्वारा नशे के विरूद्ध की जा कार्यवाही के बारे में विस्तार से जाना, उन्होने तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी के बाद बरामद किये जाने वाले नशे के सामान के डिस्पोजल से सम्बंधित जानकारियों से अवगत हुए।
युवाओं को नशे से दूर रखना हमारी प्राथमिकता ।
जिलाधिकारी महोदय ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल/कॉलेजों में नशे की रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाएं, साथ ही कक्षा—9 और उससे उच्च शिक्षा के विद्यालय/कॉलेजों में विद्यार्थियों को ड्रग्स के प्रति जागरूक करें। उन्हें बताएं एवं समझाएं नशा उनके लिए कितने हानिकारक/खतरनाक हैं। उन्होने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी चलवाया जाये, जिससे कोई भी ड्रग्स का शिकार ना हो सकें। हमें हर युवा को ड्रग्स से बचाना है, इसके लिए विशेष अभियान चलायें।
जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर करें कार्य:
जिलाधिकारी महोदय ने इस सम्बंध में मनोरंजन व जीएसटी विभाग को भी निर्देशित किया कि वे सिनेमा हॉल में ड्रग्स से सावधानी के विषय पर शार्ट फिल्म भी चलवायें, युवाओं में जागरूकता लाई जा सके और जिससे वे नशे से बच सकें।
ड्रग्स से होने वाले नुकसान के प्रति जनता में लायें जागरूकता, चलायें अभियान:
उन्होने कहा कि मीडिया सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम तो चलवाये ही साथ ही नशे के शिकार हुए लोगों के बारे में भी बताये और नशा का कारोबार करने वाले दोषियों पर होने वाली कार्रवाई से भी अवगत करायें। उन्होने कहा कि दिशा—निर्देशों के क्रम में नियमानुसार सभी स्कूलों के बाहर चैकिंग अभियान चलायें कि कहीं कोई शिक्षण संस्थान के पास नशे का कारोबार तो नहीं कर रहा है, यदि ऐसा पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएं। जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग पुलिस, नगर निगम, जीडीए सहित अन्य समन्वय बनाते हुए कार्य करेंगे तो गाजियाबाद नशा मुक्त हो सकेगा।
बैठक में एडीएम सिटी, एड.डीसीपी क्राईम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नारकोटिक्स सेल, खाद्य विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर, डीपीओ, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, यातायात विभाग के अधिकारी/प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




