12/09/2026 11:10 am
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दिल्ली विश्वविद्यालय: राजधानी कॉलेज में “नारीवाद- अपनी आवाज़, अपनी पहचान” विषय पर पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कॉलेज के लाइब्रेरी क्लब ने आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) के तत्वावधान में “नारीवाद: अपनी आवाज़, अपनी पहचान” विषय पर पुस्तक प्रदर्शनी 2026 का सफल आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना, आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देना तथा नारीवाद के ऐतिहासिक और समकालीन आयामों को समझने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना था।

प्रदर्शनी का शुभारंभ लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और महिलाओं के इतिहास से संबंधित विविध पुस्तकों के प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर अकादमिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक कृतियों का एक व्यापक संकलन प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यार्थियों को विषय की बहुआयामी समझ विकसित करने का अवसर मिला।
इस अवसर पर लाइब्रेरी क्लब के संयोजक प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “नारीवाद आज के समय का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जो केवल महिलाओं के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा से जुड़ा व्यापक विमर्श है। इस विषय पर पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन विद्यार्थियों को जागरूक करने और उन्हें विचारशील बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।”
प्रदर्शनी की विशेषता यह रही कि इसमें नारीवाद के विभिन्न वैचारिक आयामों को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शित पुस्तकों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि नारीवाद केवल एक समकालीन विमर्श नहीं, बल्कि एक सतत विकसित होती विचारधारा है, जिसकी जड़ें विभिन्न बौद्धिक परंपराओं में देखी जा सकती हैं।
प्रदर्शनी में प्रमुख विचारकों की कृतियों के साथ-साथ राजा राम मोहन राय और ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसे भारतीय चिंतकों की रचनाओं को भी स्थान दिया गया। इन पुस्तकों ने विद्यार्थियों को लैंगिक असमानता के दार्शनिक, सामाजिक और आर्थिक आयामों को समझने में सहायता प्रदान की।
प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भागीदारी करते हुए पुस्तकों का अवलोकन किया और आपसी चर्चा के माध्यम से अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। इस संवादात्मक वातावरण ने न केवल उनके सीखने के अनुभव को समृद्ध किया, बल्कि उन्हें विषय के प्रति गहन रुचि विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।
समग्र रूप से यह पुस्तक प्रदर्शनी ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इसने विद्यार्थियों को पढ़ने के प्रति पुनः आकर्षित करने के साथ-साथ उन्हें समाज में लैंगिक मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया।
पुस्तक प्रदर्शनी पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दर्शन पांडे ने कहा कि “यह पुस्तक प्रदर्शनी अत्यंत उत्कृष्ट ढंग से लाइब्रेरी क्लब के संयोजक प्रो. संजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। यह न केवल विद्यार्थियों बल्कि राजधानी कॉलेज के समस्त शिक्षकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी रही। भविष्य में भी लाइब्रेरी क्लब इसी प्रकार की ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहेगा।” उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।
लाइब्रेरी क्लब इस सार्थक आयोजन के लिए प्रशंसा का पात्र है, जिसने न केवल शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध किया, बल्कि विद्यार्थियों में बौद्धिक जिज्ञासा और संवाद की संस्कृति को भी सुदृढ़ किया।

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