गंगनहर पटरी पर घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़, दो साथी फरार; बदमाश पर लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज
गाजियाबाद। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की ऑपरेशन टीम ने बुधवार, 28 अक्टूबर को निवाड़ी थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी बदमाश धर्मेंद्र उर्फ टिड्डी को मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि बदमाश के दो साथी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र पर गाजियाबाद और बागपत जनपद से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी।
पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की ऑपरेशन टीम को सूचना मिली थी कि धर्मेंद्र अपने दो साथियों के साथ निवाड़ी क्षेत्र में गंगनहर पटरी के रास्ते से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेरठ जाने वाले मार्ग के सामने घेराबंदी कर दी। शाम करीब छह बजे गाजियाबाद की ओर से एक बाइक पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बाइक सवार तेजी से मुड़कर मेरठ की दिशा में भागने लगे।
पुलिस के अनुसार, कुछ दूरी आगे बदमाशों ने बाइक कच्चे रास्ते की ओर मोड़ दी। तेज रफ्तार के कारण बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद तीनों बदमाश बाइक छोड़कर पेड़ों की आड़ में छिप गए और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें धर्मेंद्र घायल हो गया, जबकि उसके दोनों साथी फरार हो गए।
तीन पुलिसकर्मी घायल, दो की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली।
मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल अमित कुमार, हेड कांस्टेबल विनीत कुमार और हेड कांस्टेबल हिमांशु मलिक घायल हो गए। वहीं, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार और हेड कांस्टेबल वरुण वीर सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं। क्राइम ब्रांच ऑपरेशन टीम के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार के कान के पास से भी गोली गुजरने की जानकारी पुलिस ने दी।

घायल पुलिसकर्मियों और बदमाश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), मुरादनगर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद धर्मेंद्र को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मसूरी और खेकड़ा में दर्ज मामलों में था नाम।
पुलिस के अनुसार, मृत बदमाश की पहचान धर्मेंद्र उर्फ टिड्डी, निवासी 54 बीघा गोपाल फार्महाउस, निठौरा रोड, थाना लोनी, गाजियाबाद के रूप में हुई है। उसका मूल निवास ग्राम बुरावली, थाना आदमपुर, जनपद अमरोहा बताया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 27 जून 2025 को बागपत के खेकड़ा क्षेत्र में हुई चोरी की एक घटना में उसका नाम सामने आया था। इस मामले में मुकदमा संख्या 202/2025 दर्ज किया गया था। इसके अलावा, गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में 29 जून 2025 को एक घर में लूट की नीयत से घुसकर मारपीट और चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इस संबंध में मुकदमा संख्या 191/2025 दर्ज किया गया था। 
पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र पर इन मामलों के अलावा लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत 15 अन्य आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके खिलाफ गाजियाबाद पुलिस और मेरठ परिक्षेत्र के स्तर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
वर्ष 2019 में भी मुठभेड़ में लगा था पैर में गोली।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2019 में भी धर्मेंद्र पर शामली से 15 हजार रुपये और गाजियाबाद से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उस समय पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया था और उसके पैर में गोली लगी थी।
पुलिस अधिकारियों ने लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के मद्देनजर क्राइम ब्रांच को उसकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। बुधवार को निवाड़ी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में धर्मेंद्र की मौत हो गई। पुलिस अब मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है और फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।

