पंजाब के उद्यमियों ने हिमाचल के बद्दी में सीखीं विश्वस्तरीय उत्पादन तकनीकें
मोहाली/ चंडीगढ़ । सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैम्प) पहल के तहत एक इंटर-स्टेट इंडस्ट्रियल एक्सपोजर विजिट का सफल आयोजन किया गया। भारत सरकार की इस प्रमुख योजना को विश्व बैंक का सहयोग प्राप्त है, जिसका उद्देश्य एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादकता बढ़ाना है। इस कार्यक्रम का संचालन महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैग्सिपा) की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, पंजाब, नाइपर और जिला उद्योग केंद्र, मोहाली के सहयोग से किया गया। विजिट के तहत स्थानीय उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।
प्रतिभागियों ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित सीआरआईयूएस लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड का दौरा किया, जहां उन्हें
एडवांस्ड उत्पादन तकनीकों, कड़े गुणवत्ता मानकों और ग्लोबल नियामक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी मिली। इस दौरान उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद से उद्यमियों को इनोवेशन आधारित कार्यप्रणाली और बेहतर संचालन के तरीके समझने का अवसर मिला।
नए उद्यमियों को मिलेंगे मौके… रैम्प पहल के तहत
इसप्रकार की विजिट्स अनुभवात्मक सीख, नेटवर्किंग और इंडस्ट्री से जुड़ाव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इससे एमएसएमई इकाइयों को तकनीक अपनाने, बाजार विस्तार और गुणवत्ता सुधार में मदद मिल रही है। कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मनिंदर सिंह और फंक्शनल मैनेजर कंवरप्रीत कौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह विजिट डॉ. संजीव चड्डा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें मैग्सिपा टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी का उपयोग और प्रोडक्शन प्रोसेस, गुणवत्ता नियंत्रण देखा जिसमे
प्रतिभागि डॉ. सतिंदर कौर, मैनेजिंग डायरेक्टर, सेटको लाइसेंस,मोहाली ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैग्सिपा) की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, पंजाब, नाइपर और जिला उद्योग केंद्र, मोहाली के सारानीय सहयोग से सभी प्रतिभागियों विशेष जानकारी मिली जिसमे गुणवत्ता नियंत्रण, के साथ टेस्टिंग और लैब सुविधाओं में उत्पाद की गुणवत्ता की जांच के बारे मे जाना
इस विजिट से उन्हें इंडस्ट्री के आधुनिक मानकों, क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम,की महत्वपूर्ण जानकारी मिली और यह सीखा कि कैसे बड़े स्तर की इकाइयाँ उत्पादन की दक्षता और गुणवत्ता को बनाए रखते हुए कार्य करती हैं, जिसे अपने व्यवसाय में लागू कर वे अपने उद्यम को और मजबूत बना सकती हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य MSME सेक्टर को नई तकनीकों, बेहतर प्रबंधन प्रणाली और बाजार प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना था, जो इस विजिट के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
इस प्रकार के प्रयास न केवल छोटे उद्योगों को प्रेरित करते हैं, बल्कि उन्हें बड़े स्तर पर विकसित होने की दिशा में भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं



