12/09/2026 07:19 pm
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आरईसीपीडीसीएल ने ट्रांसमिशन परियोजनाओं के 3 एसपीवी, बनासकांठा ट्रांसको लिमिटेड, कुरनूल-IV ट्रांसमिशन लिमिटेड और राजस्थान वी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को सौंपा

REC ने ट्रांसमिशन परियोजनाओं के 3 एसपीवी, बनासकांठा ट्रांसको लिमिटेड, कुरनूल-IV ट्रांसमिशन लिमिटेड और राजस्थान वी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को सौंपा

आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत महारत्न सीपीएसयू, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, ने टीबीसीबी रूट के तहत आईएसटीएस ट्रांसमिशन परियोजना के 3 परियोजना विशिष्ट एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल), बनासकांठा ट्रांसको लिमिटेड, कुरनूल-IV ट्रांसमिशन लिमिटेड और राजस्थान V पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को 24 मार्च 2025 को गुरुग्राम में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को सौंप।

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओओटी) आधार पर ट्रांसमिशन परियोजनाओं के विकास के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक आरईसीपीडीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से ट्रांसमिशन सेवा प्रदाता (टीएसपी) के रूप में उभरी। आरईसीपीडीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री टी.एस.सी. बोश ने आरईसीपीडीसीएल, पीजीसीआईएल और सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री पंकज पांडे को एसपीवी सौंपे।

इन तीन परियोजनाओं की जानकारी इस प्रकार है –

  • बनासकांठा ट्रांसको लिमिटेड परियोजना में 2×500 एमवीए, 400/220 केवी आईसीटी स्थापित करके बनासकांठा (राघनेस्दा) पूलिंग स्टेशन (जीआईएस) में परिवर्तन क्षमता का संवर्धन, संबंधित कार्यों के साथ, ₹35 करोड़ की अनुमानित लागत शामिल है।
  • कुरनूल-IV ट्रांसमिशन लिमिटेड परियोजना में आंध्र प्रदेश के कुरनूल के पास 4×1500 एमवीए, 765/400 केवी और 4×500 एमवीए, 400/220 केवी कुरनूल-IV पूलिंग स्टेशन की स्थापना शामिल है। इसमें कुरनूल-IV से बीदर तक 375 किलोमीटर और कुरनूल-IV से कुरनूल-III तक 127 किलोमीटर तक फैली 765 केवी ट्रांसमिशन लाइनें और अन्य संबंधित कार्य भी शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत ₹4,05 करोड़ है।
  • राजस्थान वी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड परियोजना में सिरोही सबस्टेशन (2 गीगावॉट) से बिजली की तत्काल निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थापना और सिरोही पीएस (2 गीगावॉट) और मेड़ता-II पीएस (2 गीगावॉट) से बिजली की सामान्य निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थापना शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹4,23 करोड़ है।

आरईसीपीडीसीएल ने ट्रांसमिशन परियोजना की एसपीवी, रतले किरू पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को इंडीग्रिड 2 प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा

आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत महारत्न सीपीएसयू, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, ने टीबीसीबी रूट के तहत आईएसटीएस ट्रांसमिशन परियोजना के प्रोजेक्ट-विशिष्ट एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) अर्थात रतले कीरू पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को 24 मार्च 2025 को गुरुग्राम में इंडीग्रिड 2 प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया।

इंडीग्रिड 2 प्राइवेट लिमिटेड, बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओओटी) आधार पर ट्रांसमिशन परियोजना के विकास के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक आरईसीपीडीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से ट्रांसमिशन सेवा प्रदाता (टीएसपी) के रूप में उभरी।

आरईसीपीडीसीएल के सीईओ श्री टी.एस.सी. बोश ने इस एसपीवी को श्री पुनीत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (वाणिज्यिक), इंडीग्रिड 2 प्राइवेट लिमिटेड को आरईसीपीडीसीएल, इंडीग्रिड 2 प्राइवेट लिमिटेड और सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा। परियोजना की कार्यान्वयन अवधि 24 महीने है।

इस योजना में सांबा (जम्मू-कश्मीर) और जालंधर (पंजाब) के बीच 150 किलोमीटर लंबी 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन, किशनपुर (जम्मू-कश्मीर) और सांबा के बीच 35 किलोमीटर लंबी 400 केवी लाइन का निर्माण और अन्य संबंधित कार्य शामिल हैं। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1,407.44 करोड़ रुपये है।

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